लघु व कुटीर उद्योगों का विकास करना होगा

Image
वर्तमान समय में बेरोगारी एक बड़ी समस्या है. इसे समाप्त करना अत्यंत आवश्यक है. इसके लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने होंगे. लघु और कुटीर उद्योगों का विकास करना होगा. क्योंकि इनसे बड़ी संख्या में रोजगार उपलब्ध होगा. लघु और कुटीर उद्योगों को प्राथमिकता देने से युवा स्वयं आत्मनिर्भर भी हो सकेंगे व स्वयं का व्यापार कर सकेंगे. जिससे की सरकारी नौकरियों पर से निर्भरता समाप्त हो जाएगी. इसके लिए यह भी आवश्यक है की बच्चों को शुरू से ही आत्मनिर्भर बनने की शिक्षा भी मिलनी चाहिए. कौशल विकास का प्रशिक्षण भी बच्चों को समय-समय पर मिले तो इससे भी उनको अत्यधिक लाभ मिलेगा. जिससे की वें भविष्य में स्वयं का रोजगार स्थापित कर सकेंगे एवं बेरोजगारी की समस्या से बचा जा सकेगा. 


ऐसे बनाए वन विहार को प्रदूषण मुक्त व बेहतर

 


वन विहार, भोपाल-

                       मध्यप्रदेश के भोपाल में बड़े तालाब के पास 445.21 हेक्टेयर इलाके को राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा देकर वन विहार का नाम दिया गया है। यहाँ जंगली जानवरों को पूर्ण रूप से प्राकृतिक परिस्थितियों में रखा जाता है. क्योंकि वन विहार राष्ट्रीय उद्यान एवं जूलॉजिकल गार्डन के साथ-साथ एक रेस्क्यू सेंटर एवं कंजर्वेशन ब्रीडिंग सेंटर भी है। यहाँ शाकाहारी वन्यप्राणियों की संख्या 1200 के आस-पास है। साथ ही लगभग 211 पक्षियों की प्रजातियाँ भी हैं। इसके अतिरिक्त यहाँ लगभग 35 विभिन्न प्रजाति की तितलियाँ भी हैं। यहाँ का रेस्क्यू सेंटर मध्य भारत का एक मात्र ऐसा रेस्क्यू सेंटर है जहां पर वन क्षेत्रों से घायल वन्यप्राणी तथा सर्कस और मदारियों से विमुक्त किये गए वन्यप्राणी रखे गए हैं; इनमें बाघ, तेंदुआ, भालू, जैकाल,जंगली भैंसा, घड़ियाल एवं हायना जैसे वन्यप्राणी शामिल हैं। वन विहार रॉयल बंगाल टाइगर हेतु को-आर्डिनेटिंग जू है इसके साथ ही यह एशियाटिक लायन एवं जिप्स वल्चर हेतु पार्टिसिपेटिंग जू भी है।

वन विहार का मुख्य उद्देश्य -

               इसका मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक रूप में वन्यप्राणियों की सुरक्षा करना, उन्हें आश्रय देना इसके साथ ही उनके प्राकृतिक आवास को बचाये रखने हेतु जनसाधारण में जागरूकता का विकास करना है। यहाँ आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधा मिले। जैसे- पेयजल, कैफेटेरिया, टॉयलेट, बैठने की सुविधा, भ्रमण हेतु बैटरी चलित वाहन, जिप्सी, सफारी वाहन, साइकल की सुविधा इत्यादि। वहीं यहां आने वाले लोगों के कारण यहां के वन्यप्राणियों को किसी प्रकार की कोई हानि या दुष्प्रभाव न हो इसके लिए पार्क के अंदर कुछ क्रियाकलापों को प्रतिबंधित कर रखा है। जैसे - #पोलीथिन या अन्य जैव अपघटनीय पदार्थों का उपयोग एवं कचरा फैलाना। #पार्क के अंदर नशे की स्थिति में प्रवेश करना, धूम्रपान करना या आग जलाना। #वन्यप्राणियों को चिढ़ाना, उन पत्थर फेंकना, बाहरी वस्तु खिलाना या छेड़ना।  #प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करना। #ध्वनि यंत्रों को बजाना इत्यादि।

वन विहार में उपलब्ध सुविधाओं में से सबसे अच्छी सुविधाएं-

# पर्यटकों के लिए ऑनलाइन टिकट की व्यवस्था।

# पर्यटकों को वन वन विहार में किराये की साइकिल उपलब्ध होना साथ ही बाइक और चार पहिया वाहन की अनुमति होना।

# पर्यटन का समय सुबह से शाम तक का होना।

# मुख्य सड़क के अलावा कच्चे मार्ग पर जाने की सुविधा।

# वन्य प्राणियों को करीब से उनके बाड़े में देखने की सुविधा का होना।

सुविधाओं को और बेहतर बनाने हेतु निम्न उपाय किए जा सकते है- 

# वर्तमान समय में कोरोना संक्रमण के बचाव के लिए पर्यटकों को भारत सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन  का पालन करवाना।

# वन्य प्राणियों के बाड़ों के आसपास प्रतिदिन सैनिटाइजर का छिड़काव करना।

# ज्वलनशील पदार्थ जैसे माचिस, लाइटर इत्यादि को प्रतिबंधित करना।

# वन विहार क्षेत्र को सौ फीसदी पॉलीथिन मुक्त बनाने के लिए पर्यटकों को पेपर बैग, क्लॉथ बैग इत्यादि की व्यवस्था उपलब्ध करवाना।

# वन विहार में पर्यटकों के लिए प्रवेश शुल्क को कम करना।

# वन विहार क्षेत्र को प्राकृतिक सुंदरता के अनुरूप विकसित और सौन्दर्यीकृत करना।



Comments

  1. well written... very informative....

    ReplyDelete
  2. My innovative proposals as a Green innovator, motivator and resource-person
    विभिन्न रूपों में मेरे अभिनव प्रस्ताव
    अपने उद्देश्यों से सह-सम्बद्ध करके पढ़ें
    For you and your organisation- as a resource-person, expert, innovator i can conduct/guide Teenage/youth problem-solving, spiritual guidance etc.., Customized and theme-based tree-plantation counseling, with the help of local craft-persons Ecofriendly carry-bag, attractive bamboo, wood, Clay-based Squirrel/bird nest making; I can guide for Natural indoor/interior designing and outdoor activities, I can lead educational and Indian rural culture tours, forest/wildlife safari, nature-trekking, Eco-tourism improvement, CSR initiatives, conceptualization of different inspirational/meaningful participatory campaigns, teaching-aid development, incredible interpretation-center, alive classroom/museum establishment, can conduct workshops/awareness sessions for plastic-free lifestyles and many other topics according to your mission (Please read my Visiting card and call me with your detailed requirements)…
    1. हिन्दी अनुवाद, लेखनादि
    2. विषयआधारित(थीम-बेस्ड) उपवनस्थापना
    3. डिजायनर घौंसले व सकोरे तथा आपकी रुचियों व कार्यक्षेत्र से जुड़ी नैसर्गिक इण्टीरियर डिज़ायनिंग(वास्तविक तितलियों सदृश कागज़ी तितलियों एवं सबकुछ पर्यावरण-अनुकूल सहित)

    सुमित कुमार, 91ः9425605432, स्वतन्त्र अनूदक, लेखक एवं विविध विषयों में
    मार्गदर्शक व नवोन्मेषी

    ReplyDelete

Post a Comment

hey, don't forget to follow me.
feel free to give suggestions and ideas for my next article.

Popular posts from this blog

बढ़ती बेरोजगारी पर ध्यान दे...

प्रदुषण मुक्त हो जीवन दायिनी नदियां (Make the rivers pollution free)