जीवों की प्रजातियां कहीं खोज से पहले ही विलुप्त न हो जाए

Image
Photo- https://images.app.goo.gl/XRA9EbM3juqLxpdDA अगस्त 2013 में एक स्तनधारी  जीव  ओलिंगुइटो (Bassaricyon neblina)  की खोज हुई. 21 वीं शताब्दी में स्तनपाई  जीव ों की कोई नई प्रजाति मिलना एक दुर्लभ घटना है. अमरीका के वैज्ञानिकों को कोलंबिया और इक्वाडोर के घने जंगलों में एक नया स्तनपाई  जीव  मिला जिसका नाम ओलिंगुइटो रखा गया है. पिछले कई सालों में पहली बार मांसाहारी  जीव  की कोई प्रजाति अमरीकी महाद्वीप में खोजी गई है. इसका श्रेय स्मिथसोनिअन इंस्टिट्यूट को जाता है. इसकी खोज क्रिस्टोफ़र हेल्गन, प्राकृतिक विज्ञान का उत्तरी केरोलिना संग्रहालय के ओलिंगो विशेषज्ञ रोलैण्ड केज़ और सहयोगियों ने संयुक्त रूप से की है. Photo- https://images.app.goo.gl/vc6kJR3ZR1mPLpjG6 इस खोज से पहले भी ओलिंगीटुओं को कई बार देखा गया था, परन्तु यह एक अन्य प्रजाति के सदस्य है इसका पता बाद में इसकी खोज से चला. इसे इसी के समान दिखने वाले ओलिंगो का ही संबंधी माना जाता रहा था. दिल्ली विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने लुप्त हो चुके बिना पैरों वाले उभयचर के पूरे परिवार को भी खोजा है. वैज्ञानिकों ने पूर्वोत्तर भारत के जंगलों क

कठिन चुनौतियों का सामना कर शिक्षा को जीवंत रखते है शिक्षक


वैश्विक महामारी कोरोना के कारण अभी तक प्राइमरी व माध्यमिक स्कूलों को खोलने के लिए सरकार से हरी झंडी नहीं मिली है, ऐसे में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों द्वारा बच्चों को ऑनलाइन कक्षा एवं अन्य प्रयासों से शिक्षा से जोड़े रखने का प्रयास जारी है। यहां तक की कोरोना आपदाकाल में तमाम तरह की चुनौतियां उत्पन्न हुईं है, जिनमें स्कूली शिक्षा के समक्ष उत्पन्न चुनौती भी कम नहीं है। किन्तु ऐसे में शिक्षकों का जज्बा काम आया और वे आधुनिक टेक्नोलॉजी से जुड़कर इस कठिन चुनौती से निपटने के लिए एक योद्धा की तरह डट गए। शिक्षकों ने अपने कार्य व्यवहार से ऑनलाइन शिक्षा को जीवंत बनाया और बच्चों के साथ में हर समय जुड़े रहे है। 

शिक्षकों द्वारा मोहल्ला कक्षाओं, ऑनलाइन कक्षाओं से लेकर कहानी, लोककथा एवं  स्थानीय बोलियों में भी पढ़ाई कराकर शिक्षकों द्वारा निष्ठा पूर्वक अपना गुरु कर्तव्य निभाया जा रहा है।

यही नहीं इन सब के अतिरिक्त भी शिक्षकों द्वारा प्रवासी मजदूरों को घर पहुंचाने में मदद करने, कोविड-19 सर्वे, बच्चों के घर तक मिड-डे-मील और किताबें पहुंचाने जैसे काम भी किए। कई शिक्षकों ने तो अपने स्वयं के खर्च से बच्चों की मदद भी की है।

इसलिए शिक्षकों को भी जनप्रनिनिधियों, अधिकारीयों एवं शासन द्वारा सम्मानित किया जाना चाहिए जिससे की उनका मनोबल बढ़ेगा और वह सर्वश्रेष्ठ करने की कोशिश करेंगे, उनका हर प्रयास विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में मददगार सिद्ध होगा।

-दुर्गा सोलंकी, प्राथमिक शिक्षिका, प्रा.वि. अवल्दामान, गंधवानी, धार, मप्र

Comments

Post a Comment

hey, don't forget to follow me.
feel free to give suggestions and ideas for my next article.

Popular posts from this blog

बढ़ती बेरोजगारी पर ध्यान दे...

पाठ योजना कक्षा- 5वीं विषय- हिंदी

पाठ योजना कक्षा- 5 वीं विषय- गणित